​The Shipping, Aviation and Tourism Conference Inaugurated at Mount Abu

आबू पर्वत ( ज्ञान सरोवर ) १० अगस्त २०१८.

आज ज्ञान सरोवर स्थित हार्मनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था, ” शिपिंग ,एविएशन और टूरिज्म प्रभाग ” के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मलेन का मुख्य विषय था – ” चैलेंजिंग द चैलेंजेज ” . इस सम्मलेन में भारत वर्ष के विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधिओं ने भाग लिया। दीप प्रज्वलित करके सम्मेलन का उदघाटन सम्पन्न हुआ। नेपाल से भी एक बड़ा डेलीगेशन इस सम्मेलन में शिरकत करने पधारा है।

शिपिंग ,एविएशन और टूरिज्म प्रभाग की उपाध्यक्षा राजयोगिनी मीरा दीदी ने आज के अवसर पर अपने उदगार इस रूप में प्रकट किये – ” जीवन रुपी इस मधुर यात्रा में चुनौतियां तो आएंगी ही। इन चुनौतियों को तरीके से संभालने की कला हमें सीखनी है। जीवन में आशावादिता – विजय का मार्ग है। समस्याओं से मुक़ाबला करना है और कभी हार का विचार नहीं करना चाहिए। हाँ – उस अवसर पर अपनी जांच होनी चाहिए। अपनी वृत्ति को परखिये। देखिये की हमने राई को पहाड़ तो नहीं बना दिया है ? जीवन में धैर्य काफी कारगर युक्ति है। धैर्य धारण करने की युक्ति सीखिए।

ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष राजयोगी करुणा भाई ने भी इस सम्मेलन को सम्बोधित किया। आपने कहा , मुझे महसूस हो रहा है की इस स्थान पर आते ही आप सभी को कुछ ऐसी अनुभूति हुई है जैसे की यहां एक गजब की शांति है। प्रश्न है की आखिर यहां ऐसा क्यों है और इसका कारण क्या है ? अगर आपने इन तीन दिनों में इस रहस्य को समझ लिया तो आपके जीवन की सारी चुनौती समाप्त हो जायेगी।
यहां – इस विद्यालय में मूल्यों की धारणा हमें सिखाई जाती है। और उसका आधार है आध्यात्म की शिक्षा। मैं कौन और मेरा कौन। इस बात को समझ कर आप भी अपने जीवन को मूल्यवान बना लेंगे।

शिपिंग ,एविएशन और टूरिज्म प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका ब्रह्माकुमारी कमलेश बहन ने पधारे हुए सभी अतिथिओं का स्वागत किया। आपने कहा -जीवन अज्ञात है। चुनौतियाँ आती रहती हैं। उनका सामना करने की ताकत जमा करना है। ईश्वर और खुद पर विश्वास रखने से जीवन का सफर आसान हो जाता है।

नेशनल शिपिंग बोर्ड, भारत सरकार, के चेयर मैन विश्वपति त्रिवेदी (आई ए एस ) ने कहा की इस सम्मेलन का विषय सामयिक है। चुनौतियां हमारे जीवन में जन्म से ही प्रारम्भ हो जाती हैं। उनका मुक़ाबला ईश्वरीय मदद के बिना संभव नहीं है। मगर खुद को भी उसमें सकारत्मक रूप से जुड़ना जरूरी है। चुनौतियों को कभी भी हलके रूप में नहीं ले सकते। जब उनमें अपना सौ प्रतिशत योग लगा देंगे तो सफलता मिल ही जायेगी।

तेलंगाना पर्यटन के संयुक्त निदेशक अंजी रेड्डी ने भी अपने विचार रखे। आपने अपने अनुभवों के आधार पर अपनी चुनौती और उसके समाधान के बारे में बताया। विवरण देते वक़्त भी आप आनंदित थे और उस वक़्त भी जब आपने चुनौती का सामना किया था।

कार्यकारी निदेशक , एयर इंडिया , जी के चौकियाल ने कहा की मैं यहां तीसरी बार आया हूँ। मैंने ब्रह्माकुमारीज़ के बारे में काफी कुछ जाना है। मैंने इनकी शिक्षाएं प्राप्त की हैं। इन शिक्षाओं से चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है। राजयोग का अभ्यास काफी मददगार सिद्ध होता है आत्मा शक्ति के जागरण में। इसका अभ्यास किया जाना चाहिए।

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